Guru ji is real shiv of this mortal world who gives unlimited blessing to his devotees. I am devotee and follower of preaching of GURUJI.
Blessings of Mother
Woman has enormous energy
शीर्षक: ये औरतें भी न!
अरे यार! ये औरतें भी न,
बड़ी बेवकूफ होती हैं।
दो मिनट की आरामदायक और
बच्चों के पसंद की ज़ायकेदार मैगी को छोड़,
किचन में गर्मी में तप कर
हरी सब्ज़ियाँ बनाती फिरती हैं।
बच्चे मुँह बिचकाकर
नाराज़गी दिखलाते हैं सो अलग,
फिर भी बाज नहीं आती।
अरे यार! ये औरतें भी न,
बड़ी बेवकूफ होती हैं।
जब किसी बात पे दिल दुखे ,
तो घर मे अकेले में आँसुओं
की झड़ी लगा देगी।
लेकिन बाहर अपनी सहेलियों के
सामने तो ऐसे मुस्कुरायेगी,
जैसे उसके जितना
सुखी कोई नहीं।
अरे यार! ये औरतें भी न,
बड़ी बेवकूफ़ होती हैं।
जब कभी लड़ लेगी पति से,
तो सोच लेगी अब मुझे
तुमसे कोई मतलब नहीं।
लेकिन शाम में जब घर आने में
पति महाशय को देर हो जाये,
तो घड़ी पे टक-टकी
लगाए रहेगी।
और बच्चों से बोलेगी,
"फोन कर के पापा से पूछो
आये क्यों नहीं अभी तक?"
अरे यार! ये औरतें भी न,
बड़ी बेवकूफ होती हैं।
तिनका तिनका जोड़कर
अपने आशियाने को बनाती
और सजाती हैं,
चलती और ढलती रहती
है सबके अनुसार।
लेकिन कभी एक कदम भी
बढ़ा ले अपने अनुसार,
तो "यहाँ ऐसे नहीं चलेगा
जाओ अपने घर (मायका)
ये सब वहीं करना।"
सुन रो रोकर
सोचती रहती है,
अब मैं इस घर में नहीं रहूँगी।
रात भर आँसुओं से
तकिया गीला कर,
उल्लू की तरह
आँखें सूजा लेती हैं।
अगले दिन फिर से
सुबह उठकर
तैयार करने लगती है,
बच्चों की टिफिन और
सबके के लिए नाश्ता।
बदलने लगती है
ड्राइंग रूम के कुशन कवर,
और फिर से सींचने लगती है
अपने लगाए पौधों को।
सच में एकदम पागल है!
सोचती कुछ है और
करती कुछ!
अरे यार! ये औरतें भी न,
बड़ी बेवकूफ होती हैं....
Temple visit is scientific
*इन कारणों से मंदिर जाना स्वास्थ्य के लिए होता है अच्छा*
आमतौर पर मंदिर में जाना धर्मिक से जोड़ा जाता है। लेकिन मंदिर जाने के कुछ साइंटिफिक हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं। अगर हम रोज मंदिर जाते हैं तो इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स कंट्रोल की जा सकती हैं। यहां जानिए ऐसे 7 फायदे जो हमें रोज मंदिर जाने से मिलते हैं।
*हाई BP कंट्रोल करने के लिए*
मंदिर के अंदर नंगे पैर जाने से यहां की पॉजिटिव एनर्जी पैरों के जरिए हमारी बॉडी में प्रवेश करती है। नंगे पैर चलने के कारण पैरों में मौजूद प्रेशर प्वाइंट्स पर दवाब भी पड़ता है, जिससे हाई BP की प्रॉब्लम कंट्रोल होती है।
*कॉन्सेंट्रेशन बढ़ाने के लिए*
रोज़ मंदिर जाने और भौहों के बीच माथे पर तिलक लगाने से हमारे ब्रेन के ख़ास हिस्से पर दवाब पड़ता है। इससे कॉन्सेंट्रेशन बढ़ता है।
*एनर्जी लेवल बढ़ाने के लिए*
रिसर्च कहती है, जब हम मंदिर का घंटा बजाते हैं, तो 7 सेकण्ड्स तक हमारे कानों में उसकी आवाज़ गूंजती है। इस दौरान बॉडी में सुकून पहुंचाने वाले 7 प्वाइंट्स एक्टिव हो जाते हैं। इससे एनर्जी लेवल बढ़ाने में हेल्प मिलती है।
*इम्युनिटी बढ़ाने के लिए*
मंदिर में दोनों हाथ जोड़कर पूजा करने से हथेलियों और उंगलियों के उन प्वॉइंटस पर दवाब बढ़ता है, जो बॉडी के कई पार्ट्स से जुड़े होते हैं। इससे बॉडी फंक्शन सुधरते हैं और इम्युनिटी बढ़ती है।
*बैक्टीरिया से बचाव के लिए*
मंदिर में मौजूद कपूर और हवन का धुआं बैक्टीरिया ख़त्म करता है। इससे वायरल इंफेक्शन का खतरा टलता है।
*स्ट्रेस दूर करने के लिए*
मंदिर का शांत माहौल और शंख की आवाज़ मेंटली रिलैक्स करती है। इससे स्ट्रेस दूर होता है।
*डिप्रेशन दूर होता है*
रोज़ मंदिर जाने और भगवान की आरती गाने से ब्रेन फंक्शन सुधरते हैं। इससे डिप्रेशन दूर होता हैं।।
🙏🏻🌹जय श्री राम🌹🙏🏻