नरक होते हैं कि नहीं? जी बिल्कुल होते हैं। ग्रंथों में नरकों की दूरी इत्यादि का पूर्ण वर्णन प्राप्त होता है। नरक तो अनेक हैं, भिन्न भिन्न शास्त्रों में उनकी भिन्न संख्याएँ बताई गई हैं। जो पापकर्म करते हैं और किए जा चुके पापों का प्रायश्चित्त नहीं करते, वे इन भयंकर नरकों में ले जाए जाते हैं। श्रीमद् भागवत, गरुड़ पुराण इत्यादि ग्रंथों में नरकों से बचने का सरल उपाय पापकर्मों से दूर रहना और भगवन्नाम जपना बताया गया है।
आइए कुछ नरकों के बारे में जानें -
1.महाविचि :- महाविचि नाम का नरक रक्त यानि खून से भरा पड़ा है, तथा इसमें व्रज के समान कांटे है.जिसमे आत्मा इन काँटों में बिंधकर कष्ट पाता है. कहा जाता है की इस
नरक में गायों की ह्त्या करने वाले व्यक्तियों की आत्मा सजा पाती है.
2 . कुम्भी पाक :- इस नरक की जमीन गर्म रेत और अंगारे से बनी हुए है. इस नरक में वे आत्माएं सजा पाती है जिन्होंने अपने मनुष्य रूप में किसी की जमीन हड़पी थी या ब्राह्मणो की ह्त्या करने वाला भी इस नरक में सजा पाता है।
3 .रौरव :- जो लोग अपनी सारी जिंदगी असत्य बोलते आये है या जो झूठी गवाही देते ही ऐसे व्यक्तियों को मृत्यु के पश्चात इस नरक में ईख की तरह पेरा जाता है.
4 . मंजुश :- इस नरक में लोगो को सजा दी जाती है जिन्होंने निर्दोषों को बंदी बनाया था. इस नरक की सलाखें अग्नि की बनी है. जहाँ दोषी को डालकर जलाया जाता है.
5 . अप्रतिष्ठ :- इस नरक में उन लोगो को सजा दी जाती है जिन्होंने धार्मिक व्यक्तियों को सताया था. यह नरक मल-मूत्र तथा पीब से भरा पड़ा है व इस नरक में दोषी को ऊपर से उलटा लटकाकर गेरा जाता है.
6 . विलपक :- इस नरक में वैसे ब्राह्मण जाते है जिन्होंने अपने जीवन में मदिरा-पान किया था ,इस आग में जीव को झोंक दिया जाता है.
7 . महाप्रभ :- यह नरक बहुत ऊंचा है. इसमें बड़ा से शूल गड़ा है. जो व्यक्ति पति-पत्नी में विभेद करवाकर उन्हें अलग करवाते हैं उन्हे इस नरक में डालकर शूल से छेदा जाता है.
8 . जयन्ती :- इस नरक में एक विशाल चट्टान है. इस नरक में परायी स्त्रियों के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाले को इसी चट्टान के नीचे दबाया जाता है.
9 . शल्मलि :-यह नरक जलते हुए कांटों से भरा हुआ है. इस नरक में उन स्त्रियों को जलते हुए शल्मलि वृक्ष का आलिंगन करना पड़ता है जो पर पुरुष से संबंध बनाती है. यहां परायी स्त्रियों से संबंध बनाने और कुदृष्टि रखने वालों की यमदूत आंखें फोड़ देते हैं.
10 . महारौरव :- जो लोग खेत, खलिहान और गांव, घर में आग लगाते हैं उन्हें युगों तक इस नरक में पकाया जाता है.
11 .तामिस्र :- इस नर्क में यमदूत चोरी जैसे अपराध करने वाले व्यक्तियों को भयंकर अस्त्रों से सजा देते है.
12 . असिपत्र :- इस वन के पत्ते तलवार जैसे हैं. मित्रों को धोखा देने वालों को इस वन में डाल दिया जाता है जहां वर्षों तक इस वन के पत्तों से कट फट कर जीव दुःखी होता रहता है.
13 . करंभबलुका :- यह नर्क कुए जैसा है जिसमे गर्म रेत, अंगारे और काटे बिछे हुए है. जहाँ पाप कर्म करने वालो को दस हजार वर्षो तक यहाँ की यातनाएं झेलनी पड़ती है.
14 . कडमल :- जो व्यक्ति अपने सम्पूर्ण जीवनकाल में पंचयज्ञ नहीं करते उन्हें इस मल-मूत्र एवं रक्त से भरे नर्क में गिराया जाता है.
15 . काकोल :- कीड़े और पीब से भरे इस नर्क में उन्हें गिराया जाता है जो दूसरों को दिए बिना अकेले मिष्टान खाते हैं.
16 . महावट :- यह नर्क मुर्दो और कीड़ों से भरा हुआ इस नर्क में उन व्यक्तियों को सजा दी जाती है जो अपनी बेटियों को बेच देते है.
17 . तिलपाक :- दूसरों को सताने वाले लोगों को इस नर्क में डाला जाता है जहां तिल से जैसे तेल निकाला जाता है उसी प्रकार उन्हें पेर कर उन्हें दंड दिया जाता है.
18 . महाभीम :- यह नर्क सड़े हुए मांस और रक्त से भरा हुआ है तथा यहाँ उन व्यक्तियों को सजा दी जाती है जो अपने जीवन काल में मांस मदिरा और अखाद्य पदार्थो का प्रयोग करते है.
19 .व्रजकपाट :- इस नर्क में उन लोगो को सजा दी जाती है जिन्होंने पशुओं पर अत्याचार किया हो तथा उनके कारण निर्दोष पशुओं का वध हुआ हो.
20 . तैलपाक :- इस नर्क में शरण में आए हुए लोगों की मदद नहीं करने वाले को तेल के कड़ाही में पकाया जाता है.
21. वज्रकपाट :- यहां वज्रों की पूरी श्रंखला बनी है. जो लोग दूध बेचने का व्यवसाय करते हैं, वे यहां प्रताड़ना पाते हैं.
22. निरुच्छवास :- इस नर्क में अंधेरा है, यहां वायु नहीं होती. जो लोग दिए जा रहे दान में विघ्न डालते हैं वे यहां फेंके जाते हैं.
23. अंगारोपच्य :- यह नर्क अंगारों से भरा है. जो लोग दान देने का वादा करके भी दान देने से मुकर जाते हैं. वे यहां जलाए जाते हैं.
24. महापायी :- यह नर्क हर तरह की गंदगी से भरा है. हमेशा असत्य बोलने वाले यहां औंधे मुंह गिराए जाते हैं.
25. महाज्वाल :- इस नर्क में हर तरफ आग है. जो लोग हमेशा ही पाप में लगे रहते हैं वे इसमें जलाए जाते हैं.
26 . गुडपाक :- इस नर्क में चारो तरफ गर्म गुड के कुँए है तथा जो लोग वर्ण संकरता फैलाते है उन्हें इस नर्क में सजा दी जाती है.
27 . क्रकच :- इस नर्क में तीखे आरे लगे हुई तथा इस नर्क में उन लोगो को सजा दी जाती है जिन्होंने गलत संगति का साथ देकर अपने जीवन में असंख्य पाप किये हो.
28. क्षुरधार :- यह नर्क तीखे उस्तरों से भरा है. ब्राह्मणों की भूमि हड़पने वाले यहां काटे जाते हैं.
29. अम्बरीष :- यहां प्रलय अग्रि के समान आग जलती है. जो लोग सोने की चोरी करते हैं, वे इस आग में जलाए जाते हैं.
30. वज्रकुठार :- यह नर्क वज्रों से भरा है. जो लोग पेड़ काटते हैं वे यहां लंबे समय तक वज्रों से पीटे जाते हैं.
31 . परिताप :- यह नर्क भी आग से भरा हुआ है तथा इसमें उन व्यक्तियों को सजा दी जाती है जिन्होंने दूसरों को जहर दिया हो या मधु की चोरी करी हो ।
32 . कालसूत्र :- यह नर्क व्रज के समान सूत से बना हुआ है तथा इसमें उन व्यक्तियों को सजा दी जाती है जिन्होंने दूसरों की खेती नष्ट करी हो.
33 . कश्मल :- यह नर्क नाक और मुंह की गंदगी से भरा हुआ है तथा इस नर्क में उन लोगो को गिराया जाता है जिन्हे मांसाहार में रूचि होती है.
34 . उगर्गन्ध :- यह लार, मूत्र, विष्ठा और अन्य गंदगियों से भरा नर्क है. जो लोग पितरों को पिंडदान नहीं करते, वे यहां लाए जाते हैं.
35 . दुर्धर :- यह नर्क जौक और बिच्छुओं से भरा है. सूदखोर और ब्याज का धंधा करने वाले इस नर्क में भेजे जाते हैं.
36 . व्रजमहापिड :- यहाँ यमदूतों दवारा लोगो को भारी व्रजो से प्रताड़ित किया जाता है, इस नर्क में ऐसे लोगो को सजा दी जाती है जिन्होंने कभी भी कोई पुण्य ना किया हो. जिन लोगो का रोजगार ही दूसरों की हत्या करना हो उन्हें इस नर्क में यमदूतों द्वारा अग्नि में जलाकर कोडों से प्रताड़ित किया जाता है।
अतः, यदि इनसे बचना है तो भगवन्नाम का आश्रय लो और पापों से दूर रहो।
।। जय श्रीराम ।।